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Showing posts from May, 2020

happy mothers day

आज माँ का दिन है.. Wo अलग बात है कि माँ के बग़ैर कोई भी दिन नहीं हो सकता हर दिन वो हम सबके लिए होती है..  अपने दिन में भी वो हमारा ही दिन बनाती है  उसके बिना जैसे कुछ अधूरा सा होता है  माँ होती है तो जैसे ममता का सागर पूरा होता है  माँ इस दुनिया में सबसे सुंदर कल्पना है..  अधूरा सा होता है माँ के बिना सबकुछ  हम सब के लिए माँ सबसे श्रेष्ठ रचना है..  वैसे तो बहुत कुछ है लिखने को लेकिन माँ को शब्दों में कैसे परिभाषित करूं  Wo वह एहसास है जिसके लिए हर एक एक शब्द भी कम हो जाता है  माँ हर अनकहे और कहे गए शब्द की परिभाषा है..  उसको शब्दों में कह पाना knha मुमकिन है..  ❤️ ❤️ ❤️ ❤️ ❤️ ❤️ ❤️ ❤️ ❤️ ❤️     Super god "moms"  Meri mumma के लिए ❤️ Love u mom 👩‍👧👑

लफ्जों की दास्ताँ ❤️

इश्क़ में.. ग़र ना दे सको लफ्जों को जुबान तो उसे काग़ज़ में लिख दिया जाए 🥰 किसी "एहसास- ए- ख़्याल" को आखिर क्यूं मायूस किया जाए 👫❤️

Love +life fact

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फ़ितरत...

इंसान लगा रहता है ख़ुद को ही सही साबित करने के लिए.  जैसे उसकी ye जिंदगी, कोई जिन्दगी नहीं बल्कि कोई इल्ज़ाम है... 🙏🙃

lonely night 🌃

क्या बात हुई आज जो बड़ी जल्दी सो गए तुम  अब ये मत कहना कुछ नहीं बस नींद आ गयी जल्दी  ये तो बस इतना सा ही किस्सा है...  या तो तुम्हें  इश्क़ नहीं हुआ या सही इंसान से नहीं हुआ.।।

"सुना और अनसुना इश्क़ "

कुछ अनसुना सा कहा मैंने, तुमने सुना क्या!  हाँ सुना तो, पर अनसुना कर दिया तुमने  राहें अलग करनी थी मुझसे शायद ; इसलिए मुझसे खुद को खफ़ा किया तुमने!  चाहत मेरे हर एक लफ्ज़ में थी..  पर लफ्जों को बस बनावट ही समझा तुमने  हर वो बात कह दी मैंने तुमसे जो प्यार में कही जाती  फ़िर भी धोखा मैंने दिया ये कहा तुमने... तुम्हारी ख़ुशी के लिए सब मंजूर था मुझे..  पर अब भी खुश नहीं हो ये सुना मैंने...!!  मिल जाऊँगा फिर उन्हीं रास्तों में जहाँ चलते थे साथ दोनों साथ चलना हो तो आकर थाम लेना एक बार हाँथ मेरा...